सात नई रक्षा कंपनियों को पीएम मोदी ने किया राष्ट्र को समर्पित, भारत में बनेंगे पिस्टल से लेकर फाइटर प्लेन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सात नई सुरक्षा कंपनियों को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह शुभ संकेत है कि यह कार्यक्रम विजयादशमी के दिन हो रहा है। इस व्यवस्था की शुरुआत शस्त्र पूजा से हुई। भारत ऊर्जा को सृजन का माध्यम मानता है।

भारत अपनी आजादी के 75 साल में प्रवेश कर चुका है। जो काम बरसों से अटका हुआ था, उसे देश पूरा कर रहा है। सात नए निगमों का शुभारंभ देश की संकल्प यात्रा का एक हिस्सा है। यह फैसला पिछले 15-20 साल से अटका हुआ है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में सभी सात कंपनियां भारत की सैन्य शक्ति का आधार बनेंगी।

हमारी आयुध निर्माण सुविधा को अक्सर दुनिया की अत्यधिक प्रभावी निर्माण सुविधा कहा जाता था। उनके पास लंबी विशेषज्ञता है। विश्व युद्ध के माध्यम से दुनिया ने उनकी सहनशक्ति को देखा है। आजादी के बाद ये फैक्ट्रियां अप टू डेट होना चाहती थीं, इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। समय के साथ, भारत सामरिक मुद्दों के लिए विदेशी देशों पर निर्भर हो गया। ये निगम इन परिस्थितियों से कुछ बदलाव लाने की भूमिका निभाएंगे।

इसका उद्देश्य भारत में एक समकालीन नौसेना व्यापार विकसित करना है। पिछले सात सालों में देश ने आत्मनिर्भर भारत के तहत काम किया है। आजादी के बाद पहली बार हमारे संरक्षण क्षेत्र में इस तरह के मुख्य सुधार कम हो रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है।

सात नई सुरक्षा कंपनियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि सरकार ने खुद को बेहतर बनाने के लिए एक कदम के तहत आयुध निर्माण इकाई बोर्ड (ओएफबी) को एक विभाग से सात पूर्ण स्वामित्व वाली सरकारी कंपनियों में बदलने का फैसला किया है। -देश की सुरक्षा तैयारियों में भरोसा। निर्धारित किया है।

भारतीय सेना को मजबूत करने के लिए देश की सात सुरक्षा कंपनियां जवानों के लिए पिस्टल से लड़ाकू विमान बनाएगी। इन कंपनियों को तीनों सेवाओं और अर्धसैनिक बलों से 65,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं।

ये कंपनियां गोला-बारूद और विस्फोटक, ऑटोमोबाइल, हथियार और गियर, नेवी कंफर्ट गैजेट्स, ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स गियर, पैराशूट और सहायक उत्पादों का उत्पादन करेंगी। इन कंपनियों के हथियार निर्माण से भारतीय सेना को मजबूती मिलेगी।

इन सात नए सुरक्षा निगमों को शामिल किया गया है
इनमें सुपीरियर वेपन्स और गियर इंडिया रिस्ट्रिक्टेड, ट्रूप कम्फर्ट्स रिस्ट्रिक्टेड, इंडिया ऑप्टेल रिस्ट्रिक्टेड, म्यूनिशन इंडिया रिस्ट्रिक्टेड, अवनि आर्मर्ड ऑटोमोबाइल्स, ग्लाइडर्स इंडिया रिस्ट्रिक्टेड, यन्त्र इंडिया रिस्ट्रिक्टेड शामिल हैं। संघीय सरकार को उम्मीद है कि पेशेवर रूप से प्रबंधित सात नई संस्थाएं उच्च क्षमता उपयोग के माध्यम से घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएंगी और इसी तरह नए निर्यात विकल्पों का लाभ उठाएंगी।

सुरक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक चौथी कंपनी ट्रूप कम्फर्ट्स रिस्ट्रिक्टेड, सैनिकों के इस्तेमाल के लिए सामान तैयार करेगी। सचमुच, आज भी जवानों के कपड़ों और जूतों से सारा सामान विदेशों से आयात किया जाता है, लेकिन नई कंपनी इन सभी का निर्माण देश में करेगी।

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