दिवाली 2021: साल 2021 में कब है दिवाली? जानिए मां लक्ष्मी का पूजन मुहूर्त, पूजन विधि और प्रसन्नता

0
954
हिंदू धर्म में दीपावली पर्व का विशेष महत्व है। हिंदू कैलेंडर के आधार पर, दिवाली या दीपावली व्यापक रूप से कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन जानी जाती है। इस वर्ष कार्तिक अमावस्या 04 नवंबर गुरुवार को है। दिवाली पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि दिवाली पर देवी लक्ष्मी की पूजा करने से सुख, समृद्धि और प्रसिद्धि मिलती है। जीवन में पैसों की कमी जैसी कोई बात नहीं है।
2021 में दिवाली कब है?
2021 में दिवाली 04 नवंबर 2021 को है।
अमावस्या तिथि कब से कब तक-
अमावस्या तिथि 04 नवंबर को सुबह 06:03 से शुरू होगी और 05 नवंबर को सुबह 02:44 बजे समाप्त हो सकती है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन मुहूर्त शाम 06:09 से रात के 08:20 तक है। पूजा की अवधि 01 घंटा 55 मिनट है।
पूजा करने की विधि-
सबसे पहले पूजा का व्रत लें
श्री गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती जी के साथ कुबेर की पूजा करें
ओम श्री श्रीं हूं नमः का 11 बार जाप करें या एक माला करें।
पूजा स्थल पर एक नारियल या 11 कमलगट्टे रखें
श्री यंत्र की पूजा करें और इसे उत्तर दिशा में स्थापित करें, देवी सूक्तम का पाठ करें
पंचांग-पुराण और से
इन राशियों पर रहती है भगवान श्री राम की विशेष कृपा, देखिए क्या आप भी इस सूची में शामिल हैं
इन राशियों पर भगवान श्रीराम की विशेष कृपा रहती है।
मासिक राशिफल: मेष से लेकर मीन तक, जानिए सभी राशियों के लिए कैसा हो सकता है अक्टूबर का महीना
मेष से लेकर मीन तक जानिए सभी राशियों के लिए कैसा हो सकता है यह महीना
दांपत्य जीवन पर पड़ रहा है तनाव का असर तो जान लें यह चाणक्य कवरेज
दांपत्य जीवन पर पड़ रहा है तनाव का असर तो जान लें यह चाणक्य कवरेज
दशहरा 2021: वृश्चिक राशि में राहु, वृष और केतु, जानिए दशहरे के दिन ग्रहों का स्थान और रावण दहन का शुभ मुहूर्त
राहु वृष और केतु वृश्चिक में, जानिए रावण दहन का शुभ मुहूर्त
तुला राशि में ग्रहों का गोचर
दीपावली के दिन तुला राशि में ग्रहों की विशेष चाल चल रही है। आज के दिन चार ग्रहों की युति एक साथ तुला राशि में हो सकती है। दीपावली पर तुला राशि में सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा विराजमान हो सकते हैं। ज्योतिष में सूर्य को इसलिए माना गया है क्योंकि ग्रहों का राजा मंगल ग्रह का अधिपति है, बुध ग्रहों का राजकुमार है और चन्द्रमा को विचारों का कारक माना गया है।
मां लक्ष्मी को दें भोग-
फलों में आप लक्ष्मी जी की पूजा में सिंघाड़ा, अनार, क्विन चढ़ा सकते हैं। दिवाली की पूजा में सीताफल को भी रखा जाएगा। इसके अलावा दिवाली की पूजा में कुछ लोग बेंत भी रखते हैं। सिंघाड़ा नदी के किनारे पाया जा सकता है, इसलिए माँ लक्ष्मी को सिंघाड़ा बहुत पसंद है। मिठाइयों में देवी लक्ष्मी को केसरभात, केसर के साथ चावल की खीर, खीर और भी बहुत कुछ पसंद होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here